kavita
Sunday, 2 April 2023
Saturday, 16 July 2011
सॉनेट
मेरी नन्हीं बिटियाशुभ आशीर्वाददादा दादी करते हैंतुम्हें रोज याद.
अगर माँ पापाडाँटें तुम्हेंकरना हमसे फरियादमेरी नन्हीं बिटियाशुभ आशीर्वाद.
बिटिया रानीधीरे धीरेहो रही हो सयानीधोड़ी बहुत शैतानीतो करोगी हीलेकिन इतनी मत करनाकि पीटने की नौबत आ जाए
अगर माँ नाराज हो जाएतो बाप बचा लेअगर बाप नाराज हो जाएतो माँ आँचल में छुपा लेअगर दोनों साथ साथ डाँटेंहमसे करना फरियादबाबा दादी का शुभ आशीर्वाद.
चलो किसी पुस्तकालय में
एक मोटा सा उपन्यास
उठा लें अनायास
और बीच से पढना शुरू कर दें.
और अपनी कल्पना से लगायें
आगाज और अंजाम का कयास
जैसे किसी व्यक्ति का
जाने बिना इतिहास
एकतरफा बयान पर करके विश्वास
लगाते हैं.
उपन्यास का प्रारंभ और अंत
कैसा रहा होगा - क्या हुआ होगा.
बिना किसी वर्जना - कल्पना से इसकी सर्जना
अपने आप में एक अनूठा अनुभव होगा.
लेखक के प्रारंभ और अन्त से
कोसों दूर होंगे आप
लेकिन आपका नजरिया
मुहैया कराएगा
पसंदीदा चीजें पढने का जरिया
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